स तु रत्नाकरवतीं सद्दीपां सागराम्बराम् । शशास पृथिवीं सर्वा हैहय: सत्यविक्रम:,पूर्वकालकी बात है--माहिष्मती नगरीमें सहस्र-भुजधारी परम कान्तिमान् कार्तवीर्य अर्जुन नामवाला एक हैहयवंशी राजा समस्त भूमण्डलका शासन करता था। वह महान् बलवान् और सत्यपराक्रमी था। इस लोकमें सर्वत्र उसीका आधिपत्य था
sa tu ratnākara-vatīṁ sad-dīpāṁ sāgarāmbarām | śaśāsa pṛthivīṁ sarvāṁ haihayaḥ satya-vikramaḥ ||
ภีษมะกล่าวว่า “พระราชาแห่งวงศ์ไหหยะ ผู้มีวีรกรรมสัตย์จริงนั้น ทรงปกครองแผ่นดินทั้งสิ้น อันอุดมด้วยมหาสมุทรดุจขุมรัตนะ มีหมู่เกาะน้อยใหญ่ และมีท้องทะเลเป็นดั่งอาภรณ์ห่มคลุม”
भीष्म उवाच