ब्राह्मणपूजायां व्युष्टिः — Vyuṣṭi (Merit-Outcome) of Honoring Brāhmaṇas: Kṛṣṇa and Durvāsā
भीष्म उवाच अहं ते कथयिष्यामि कथामतिमनोहराम् । अस्य विष्णो: पुरा राजन् प्रभावो यो मया श्रुत:,भीष्मजी बोले--बेटा! अब मैं तुम्हें एक अत्यन्त मनोहर कथा सुना रहा हूँ। राजन! पूर्वकालमें इन भगवान् नारायण और महादेवजीका जो प्रभाव मैंने सुन रखा है, उसको तथा पार्वतीजीके संदेह करनेपर शिव और पार्वतीमें जो संवाद हुआ था, उसको भी बता रहा हूँ, सुनो
bhīṣma uvāca: ahaṃ te kathayiṣyāmi kathām atimanoharām | asya viṣṇoḥ purā rājan prabhāvo yo mayā śrutaḥ |
ภีษมะกล่าวว่า: ข้าแต่พระราชา ข้าพเจ้าจักเล่าเรื่องอันยิ่งนักที่ชวนให้ใจเพลิดเพลินแก่ท่าน ข้าพเจ้าจักบรรยายมหิทธิฤทธิ์อันโบราณของพระวิษณุองค์นี้ ตามที่ข้าพเจ้าเคยได้สดับมา
भीष्म उवाच