Śakuntalā-Janma-Nāmakaraṇa (Birth and Naming of Śakuntalā) | शकुन्तला-जन्म-नामकरणम्
शुकी च जनयामास शुकानेव यशस्विनी । कल्याणगुणसम्पन्ना सर्वलक्षणपूजिता,कल्याणमयी धूृतराष्ट्रीने सब प्रकारके हंसों, कल-हंसों तथा चक्रवाकोंको जन्म दिया। कल्याणमय गुणोंसे सम्पन्न तथा समस्त शुभ लक्षणोंसे युक्त यशस्विनी शुकीने शुकों (तोतों)-को ही उत्पन्न किया
ส่วนสุกีผู้มีเกียรติ ได้ให้กำเนิดแต่นกศุกะ (นกแก้ว) เท่านั้น; นางเปี่ยมด้วยคุณอันเป็นมงคล และเป็นที่สักการะด้วยลักษณะอันเป็นสิริมงคลทั้งปวง.
वैशम्पायन उवाच