Ādi-parva Adhyāya 141: Bhīma–Hiḍimba Confrontation and Protective Discourse
निषादी पज्चपुत्रा तु जातुषे तत्र वेश्मनि । कारणाभ्यागता दग्धा सह पुत्रैरनागसा,वारणावतके उस लाक्षागृहमें निषाद जातिकी एक स्त्री किसी कारणवश अपने पाँच पुत्रोंके साथ आकर ठहर गयी थी। वह बेचारी निरपराध होनेपर भी उसमें पुत्रोंसहित जलकर भस्म हो गयी
ในเรือนยางรักนั้น มีหญิงชาวนิษาทคนหนึ่งมาด้วยเหตุบางประการพร้อมบุตรชายทั้งห้าพักอาศัยอยู่ แม้นางไร้ความผิด ก็กลับถูกไฟเผาผลาญพร้อมบุตรจนเป็นเถ้าถ่าน
वैशम्पायन उवाच