Hiḍimba’s Approach and Hiḍimbā’s Warning to Bhīmasena (हिडिम्बागमनम् / हिडिम्बा-भयवचनम्)
जम्बुक उवाच शृणु मे त्वं महाबाहो यद् वाक््यं मूषिको<ब्रवीत् | धिग् बल॑ मृगराजस्य मयाद्यायं मृगो हतः,गीदड़ बोला--महाबाहो! चूहेने (तुम्हारे विषयमें) जो बात कही है, उसे तुम मुझसे सुनो। वह कहता था, “मृगोंके राजा बाघके बलको धिक्कार है! आज इस मृगको तो मैंने मारा है
หมาไนกล่าวว่า “ข้าแต่ผู้มีพาหาอันเกรียงไกร จงฟังถ้อยคำที่หนูได้กล่าวไว้ เขาว่า ‘ขอประณามกำลังของราชาแห่งสัตว์คือเสือ! วันนี้สัตว์ป่านี้ข้าเป็นผู้ฆ่าเอง’”
जम्बुक उवाच