नारदेन गरुडात्मजानां नामकीर्तनम् | Nārada’s Enumeration of Garuḍa’s Descendants
नैतानि शक््यं निर्देष्टर रूपतो द्रव्यतस्तथा । गुणतश्वैव सिद्धानि प्रमाणगुणवन्ति च,हिरण्यपुरके ये भवन कितने सुन्दर हैं और किन-किन द्रव्योंसे बने हुए हैं, इसका निरूपण नहीं किया जा सकता। अपने उत्तम गुणोंके कारण इनकी बड़ी प्रसिद्धि है। लंबाई-चौड़ाई तथा सर्वगुणसम्पन्नताकी दृष्टिसे ये सभी प्रशंसाके योग्य हैं
naitāni śakyaṃ nirdeṣṭuṃ rūpato dravyatas tathā | guṇataś caiva siddhāni pramāṇaguṇavanti ca ||
నారదుడు పలికెను—ఇవన్నీ నిజంగా వర్ణించుట సాధ్యం కాదు; రూపముచేతనూ, నిర్మాణద్రవ్యముచేతనూ కాదు. వీటి శ్రేష్ఠత గుణములవలననే సిద్ధమైయున్నది; సముచిత ప్రమాణము, సౌష్ఠవము, సర్వగుణసంపత్తి వలన ఇవి ప్రసిద్ధమై ప్రశంసనీయములు.
नारद उवाच