Udyoga-parva Adhyāya 64: Arjuna’s Instruction to Sanjaya
Message to the Kuru Assembly
सर्वशस्त्रभृतां श्रेष्ठ मेरें शिखरिणामिव । युधि गाण्डीवधन्वानं को नु युध्येत बुद्धिमान्,जैसे पर्वतोंमें मेरु श्रेष्ठ है, उसी प्रकार समस्त शस्त्रधारियोंमें गाण्डीवधारी अर्जुन श्रेष्ठ है। भला कौन बुद्धिमान् मनुष्य रणभूमिमें उसके साथ जूझनेका साहस करेगा?
పర్వతాలలో మేరువు శ్రేష్ఠమైనట్లే, సమస్త శస్త్రధారులలో గాండీవధారి అర్జునుడు శ్రేష్ఠుడు. అటువంటి వాడితో యుద్ధరంగంలో ఎవడు బుద్ధిమంతుడు పోరాడగలడు?
विदुर उवाच