Ānṛśaṃsya, Amātya-Guṇa, and Reconciliatory Counsel (आनृशंस्य–अमात्यगुण–संधि-उपदेशः)
मुनिर्वाच उपपन्नस्त्वमेतेन यथा क्षत्रिय भाषसे । प्रकृत्या ह्युपपन्नो$सि बुद्धया वा बहुदर्शन:,मुनिने कहा--राजकुमार! तुम जैसा कहते हो, वैसे ही गुणोंसे सम्पन्न भी हो। तुम धार्मिक स्वभावसे युक्त हो और अपनी बुद्धिके द्वारा बहुत कुछ देखने तथा समझनेकी शक्ति रखते हो
ముని పలికెను— “ఓ క్షత్రియకుమారా! నీవు చెప్పినట్లే నీవు ఆ గుణాలతో సముపేతుడవు. స్వభావతః ధర్మనిష్ఠుడవు; బుద్ధిచేత బహుదర్శి—అనేక విషయాలను చూడగలిగి గ్రహించగలవు.”
भीष्म उवाच