Droṇa-pātana-paripṛcchā (Inquiry into the Fall of Droṇa) | द्रोणपातनपरिपृच्छा
ये चान्ये पार्थिवा राजन् पाण्डवस्यानुयायिन: । कुलवीर्यनुरूपाणि चक्कुः कर्माण्यनेकश:,राजन! केकयराजकुमार, भीमसेन, अभिमन्यु, घटोत्कच, युधिष्ठिर, नकुल-सहदेव, मत्स्यदेशीय सैनिक, द्रुपदके सभी पुत्र, हर्ष और उत्साहमें भरे हुए द्रौपदीके पाँचों पुत्र, धृष्टकेतु, सात्यकि, कुपित चेकितान और महारथी युयुत्सु--ये तथा और भी जो भूमिपाल पाण्डुपुत्र युधिष्ठिरके अनुयायी थे, वे सब अपने कुल और पराक्रमके अनुकूल अनेक प्रकारके वीरोचित कार्य करने लगे
sañjaya uvāca | ye cānye pārthivā rājan pāṇḍavasyānuyāyinaḥ | kulavīryānurūpāṇi cakruḥ karmāṇy anekaśaḥ ||
సంజయుడు పలికెను— ఓ రాజా! పాండవుని అనుసరించిన ఇతర భూపతులును తమ కులమర్యాదకును పరాక్రమమునకును తగినట్లు అనేక విధముల శౌర్యకర్మలు చేయుటకు ప్రారంభించిరి।
संजय उवाच