अभिमन्यु-परिवेष्टनम्
Encirclement and Counterassault of Abhimanyu
गोत्रनामभिरन्योन्यं क्रन्दन्तो जीवितैषिण: । हतान् पुत्रान् पितृन् भ्रातृन् बन्धून् सम्बन्धिनस्तथा,वे जीवनकी इच्छा रखकर अपने-अपने सगे-सम्बन्धियोंके गोत्र और नामका उच्चारण करके एक-दूसरेके लिये क्रन्दन कर रहे थे। उस समय आपके सैनिक इतने डर गये थे कि वहाँ मारे गये अपने पुत्रों, पितृतुल्य सम्बन्धियों, भाई-बन्धुओं तथा नातेदारोंको भी छोड़कर अपने घोड़ों और हाथियोंको उतावलीके साथ हाँकते हुए रणभूमिसे पलायन कर गये
sañjaya uvāca | gotranāmabhir anyonyaṁ krandanto jīvitaiṣiṇaḥ | hatān putrān pitṝn bhrātṝn bandhūn sambandhinas tathā ||
సంజయుడు పలికెను—జీవించాలనే ఆశతో వారు ఒకరినొకరు గోత్రనామాలతో పిలుచుకుంటూ విలపించిరి. హతులైన తమ కుమారులు, తండ్రులు, సోదరులు, బంధువులు మరియు ఇతర సంబంధుల కోసం వారు ఆర్తనాదం చేసిరి.
संजय उवाच