Droṇa–Dhṛṣṭadyumna-yuddha (द्रोण-धृष्टद्युम्न-युद्धम्) — Tactical duel and allied interventions
सायकेन सुपीतेन तीक्ष्णेन निशितेन च । तौ जघ्नतुस्तदान्योन्यं शरैर्बहुविधैर्मुधे,राजन! बलवान् शिखण्डीने रफक्षेत्रमें द्रोणपुत्र अश्वत्थामापर धावा किया। तब अश्वत्थामाने कुपित हो एक तीखे नाराचके द्वारा निकट आये हुए शिखण्डीको अत्यन्त घायल करके कम्पित कर दिया। महाराज! तब शिखण्डीने भी पीले रंगके तेज धारवाले तीखे सायकसे द्रोणपुत्र अश्वत्थामाको गहरी चोट पहुँचायी; तदनन्तर वे दोनों अनेक प्रकारके बाणोंद्वारा एक-दूसरेपर प्रहार करने लगे
saayakena supītena tīkṣṇena niśitena ca | tau jaghnatus tadānyonyaṃ śarair bahuvidhair mṛdhe rājān |
అప్పుడు ఆ యుద్ధంలో వారు ఇద్దరూ బాగా మెరిపించిన, పదునైన, నునుపైన అంచులున్న బాణాలతోను, అనేక రకాల శరాలతోను పరస్పరం కొట్టుకున్నారు.
संजय उवाच