Marutta Seeks Saṃvarta’s Priestly Support; Conditions, Truth-Discipline, and Rival Powers
गार्हस्थ्यं चैव याज्याश्न सर्वा गृह्माश्व देवता: । पूर्वजेन ममाक्षिप्तं शरीरं वर्जितं त्विदम्,“घर-गृहस्थीका सारा सामान, यजमान तथा गृहदेवताओंके पूजन आदि कर्म--इन सबको इस समय मेरे बड़े भाईने अपने अधिकारमें कर लिया है। मेरे पास तो केवल मेरा एक शरीर ही छोड़ रखा है
ఇల్లూ-గృహస్థీకి సంబంధించిన సమస్త సామగ్రి, యజమానధర్మం, గృహదేవతల పూజాదికర్మలు—ఇవన్నీ ఈ సమయంలో నా జ్యేష్ఠభ్రాత తన అధీనంలోకి తీసుకున్నాడు. నా వద్ద మిగిలింది ఈ శరీరమే.
व्यास उवाच