Puṣkara-Śapatha Itihāsa (Agastya–Indra Dispute at the Tīrthas) | पुष्कर-शपथ-आख्यानम्
एवमेते महात्मानो भोगैर्बहुविधैरपि । क्षुधा परमया युक्ताश्छन्द्यमाना महात्मभि:,इस प्रकार उन महात्माओंने अत्यन्त भूखे होनेपर और बड़े-बड़े लोगोंके अनेक प्रकारके भोगोंद्वारा लालच देनेपर भी उस समय लोभ नहीं किया। इसीसे उन्हें स्वर्गलोककी प्राप्ति हुई
ఈ విధంగా ఆ మహాత్ములు తీవ్రమైన ఆకలితో ఉన్నప్పటికీ, మహానుభావులు అనేక విధాల భోగాలతో ప్రలోభపెట్టినా, ఆ సమయంలో లోభానికి లోనుకాలేదు.
भीष्म उवाच