उपदेशदोषप्रसङ्गः (Upadeśa-doṣa-prasaṅgaḥ) — The Risk of Misapplied Counsel
पूर्वदेहे यथा वृत्तं तन्निबोध द्विजोत्तम । जातिं स्मराम्यहं ब्रह्मन्नवधानेन मे शृूणु,द्विजश्रेष्ठ। जब हमने पूर्वजन्ममें शरीर धारण किया था, उस समय जो घटना घटित हुई थी, उसे सुनिये। ब्रह्मन! मुझे पूर्वजन्मकी बातोंका स्मरण है। आप ध्यान देकर मेरी बात सुनिये
ఓ ద్విజోత్తమా! పూర్వజన్మలో మేము దేహం ధరించినప్పుడు జరిగిన వృత్తాంతాన్ని విను. ఓ బ్రాహ్మణా! నాకు పూర్వజన్మ సంగతులు స్మరణలో ఉన్నాయి; జాగ్రత్తగా నా మాట విను.
पुरोहित उवाच