बक-राक्षसस्य आह्वानम् तथा वृक्षयुद्धम्
Summons of Baka and the Tree-Weapon Engagement
घोरा समभवत् संध्या दारुणा मृगपक्षिण: । अप्रकाशा दिश: सर्वा वातैरासन्ननार्तवै:,वह संध्या बड़ी भयानक प्रतीत होती थी। क्रूर स्वभाववाले पशु और पक्षी वहाँ वास करते थे। बिना ऋतुकी प्रचण्ड हवाओंके चलनेसे सम्पूर्ण दिशाएँ (धूलसे आच्छादित हो) अन्धकारपूर्ण हो रही थीं
ఆ సంధ్య భయంకరముగా మారెను. అక్కడ క్రూర స్వభావముగల మృగపక్షులు ఉండెను; కాలముకాని ఉగ్ర గాలులు వీచి ధూళి కమ్మగా, అన్ని దిక్కులు వెలుగులేక చీకటిమయమయ్యెను.
वैशम्पायन उवाच