आदि पर्व, अध्याय 139 — Hiḍimba’s Detection and Hiḍimbā’s Approach to Bhīma
न शशाक वशे कर्तु यं पाण्डुरपि वीर्यवान् सो<र्जुनेन वशं॑ नीतो राजा5डसीद् यवनाधिप:,सौवीर देशका राजा, जो गन्धर्वोंके उपद्रव करनेपर भी लगातार तीन वर्षोतक बिना किसी विघ्न-बाधाके यज्ञोंका अनुष्ठान करता रहा, युद्धमें अर्जुन आदि पाण्डवोंके हाथों मारा गया। पराक्रमी राजा पाण्डु भी जिसे वशमें न ला सके थे, उस यवनदेश (यूनान)-के राजाको भी जीतकर अर्जुनने अपने अधीन कर लिया
na śaśāka vaśe kartuṃ yaṃ pāṇḍur api vīryavān | so 'rjunena vaśaṃ nīto rājā āsīd yavanādhipaḥ ||
వైశంపాయనుడు పలికెను— పరాక్రమశాలియైన పాండుడు కూడా వశపరచలేని ఆ యవనాధిపతిని అర్జునుడు వశం చేసుకొని విధేయుడిగా చేసెను.
वैशम्पायन उवाच