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Shloka 108

Śrī Kāmākṣī–Mahātripurasundarī: Immanence of Śakti and Cosmic Administration

Lalitopākhyāna

आपीठमौलिपर्यन्तं पश्य तस्तां ममांशजाम् / पातकान्याशु नश्यन्ति किं पुनस्तूपपातकम्

āpīṭhamauliparyantaṃ paśya tastāṃ mamāṃśajām / pātakānyāśu naśyanti kiṃ punastūpapātakam

పాదపీఠం నుండి మౌళి వరకు నా అంసజను దర్శించు. పాతకాలు వెంటనే నశిస్తాయి; ఉపపాతకం అయితే మరెంత?

आपीठमौलिपर्यन्तम्up to the crown of the head
आपीठमौलिपर्यन्तम्:
अधिकरण/परिमाण (Extent/परिमाण)
TypeIndeclinable
Rootआपीठ-मौलि-पर्यन्त (प्रातिपदिक; आपीठ + मौलि + पर्यन्त)
Formअव्ययीभाव-समासः; अव्ययवत् प्रयोगः, द्वितीया-एकवचनरूपं (अव्ययार्थे)
पश्यsee
पश्य:
क्रिया (Action/क्रिया)
TypeVerb
Rootदृश् (धातु)
Formलोट्-लकार (Imperative), मध्यमपुरुष, एकवचन; परस्मैपद
तत्that
तत्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootतद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन; सर्वनाम (एतदर्थे—‘that’)
ताम्her
ताम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootतद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन; सर्वनाम
ममmy
मम:
सम्बन्ध (Genitive/षष्ठी-सम्बन्ध)
TypeNoun
Rootअस्मद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formषष्ठी, एकवचन; सर्वनाम
अंशजाम्born of (my) portion
अंशजाम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootअंश-जा (प्रातिपदिक; अंश + जा)
Formस्त्रीलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन; समासः षष्ठी-तत्पुरुषः (अंशस्य जाता)
पातकानिsins
पातकानि:
कर्ता (Subject/कर्ता)
TypeNoun
Rootपातक (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, प्रथमा, बहुवचन
आशुquickly
आशु:
क्रियाविशेषण (Adverbial/क्रियाविशेषण)
TypeIndeclinable
Rootआशु (अव्यय)
Formक्रियाविशेषण अव्यय (adverb)
नश्यन्तिperish
नश्यन्ति:
क्रिया (Action/क्रिया)
TypeVerb
Rootनश् (धातु)
Formलट्-लकार, प्रथमपुरुष, बहुवचन; परस्मैपद
किम्what then
किम्:
सम्बन्धसूचक (Interrogative/प्रश्न)
TypeIndeclinable
Rootकिम् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formप्रश्नार्थक अव्यय
पुनःmoreover
पुनः:
सम्बन्धसूचक (Discourse/अव्यय)
TypeIndeclinable
Rootपुनः (अव्यय)
Formअव्यय; अर्थे—पुनरुक्ति/अधिक्य (moreover/again)
तुindeed
तु:
सम्बन्धसूचक (Particle/निपात)
TypeIndeclinable
Rootतु (अव्यय)
Formविरोध/विशेषार्थक निपात (but/indeed)
उपपातकम्a minor sin
उपपातकम्:
कर्म (Object/कर्म)
TypeNoun
Rootउप-पातक (प्रातिपदिक; उप + पातक)
Formनपुंसकलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन; उपसर्गपूर्वक तत्पुरुषसदृशः (minor sin)