Udyoga Parva 142: Vidura’s warning to Kuntī and Kuntī’s resolve to meet Karṇa
Gaṅgātīra encounter begins
नकुलः सहदेवश्व सात्यकिश्न महारथ: । शुक्लकेयूरकण्ठत्रा: शुक्लमाल्याम्बरावृता:,“नकुल, सहदेव तथा महारथी सात्यकि--ये तीन नरश्रेष्ठ मुझे स्वप्नमें श्वेत भुजबन्द, श्वेत कण्ठहार, श्वेत वस्त्र और श्वेत मालाओंसे विभूषित हो उत्तम नरयान (पालकी)-पर चढ़े दिखायी दिये हैं। ये तीनों ही श्वेत छत्र और श्वेत वस्त्रोंसे सुशोभित थे
sañjaya uvāca |
nakulaḥ sahadevaś ca sātyakiś ca mahārathaḥ |
śukla-keyūra-kaṇṭha-trāḥ śukla-mālyāmbara-āvṛtāḥ |
सञ्जय उवाच—नकुलः सहदेवश्च सात्यकिश्च महारथः। शुक्लकेयूरकण्ठत्राः शुक्लमाल्याम्बरावृताः॥
संजय उवाच