मृदु-तीक्ष्ण-नीति तथा दुष्टलक्षण-विज्ञानम्
Measured Policy and the Recognition of Malicious Disposition
न बहूनभियुञ्जीत यौगपद्येन शात्रवान् । साम्ना दानेन भेदेन दण्डेन च पुरंदर,पुरंदर! बहुत-से शत्रुओंपर एक ही साथ आक्रमण नहीं करना चाहिये। साम, दान, भेद और दण्डके द्वारा इन शत्रुओंमेंसे एक-एकको बारी-बारीसे कुचलकर शेष बचे हुए शत्रुको पीस डालनेके लिये कुशलतापूर्वक प्रयत्न आरम्भ करे। बुद्धिमान् राजा शक्तिशाली होनेपर भी सब शत्रुओंको कुचलनेका कार्य एक ही साथ आरम्भ न करे
na bahūn abhiyuñjīta yaugapadyena śātravān | sāmnā dānena bhedena daṇḍena ca puraṃdara ||
न बहूनभियुञ्जीत यौगपद्येन शात्रवान् । साम्ना दानेन भेदेन दण्डेन च पुरंदर ॥
भीष्म उवाच