Pitāmaha-sabhā-varṇana & Hariścandra-māhātmya
Description of Brahmā’s Assembly and the Eminence of Hariścandra
शुक्रो बृहस्पतिश्वैव बुधो5ड्रारक एव च । शनैश्वरश्न राहुश्न ग्रहा: सर्वे तथैव च,गन्धर्वों और अप्सराओंके बीस गण एक साथ उस सभामें आते हैं। सात अन्य गन्धर्व भी जो प्रधान हैं, वहाँ उपस्थित होते हैं। समस्त लोकपाल, शुक्र, बृहस्पति, बुध, मंगल, शनैश्वर, राहु तथा केतु--ये सभी ग्रह,
śukro bṛhaspatiś caiva budho 'ṅgāraka eva ca | śanaiścaraś ca rāhuś ca ketuś ca grahāḥ sarve tathaiva ca ||
शुक्रो बृहस्पतिश्चैव बुधोऽङ्गारक एव च । शनैश्वरश्च राहुश्च केतुश्च ग्रहाः सर्वे तथैव च ॥
नारद उवाच