अभिमन्योर् विक्रमः — Abhimanyu’s Disruptive Advance and the Gāndharva-astra Counter
ऑपन-मा_ज बछ। ऑफर चतुश्नत्वारिशो< ध्याय: अभिमन्युका पराक्रम और उसके द्वारा वसातीय आदि अनेक योद्धाओंका वध संजय उवाच सैन्धवेन निरुद्धेषु जयगृद्धिषु पाण्डुषु । सुघोरमभवदसयुद्ध॑ त्वदीयानां परै: सह,संजय कहते हैं--राजन्! विजयकी अभिलाषा रखनेवाले पाण्डवोंको जब सिंधुराज जयद्रथने रोक दिया, उस समय आपके सैनिकोंका शत्रुओंके साथ बड़ा भयंकर युद्ध हुआ
sa f1jaya uv01ca | saindhavena niruddhe63u jayag5ddhi63u p01470d63u | sughoram abhavad asad-yuddha43 tvad2by01n0143 parai25 saha ||
संजय उवाच । सैन्धवेन निरुद्धेषु जयगृद्धिषु पाण्डुषु । सुघोरमभवद् युद्धं त्वदीयानां परैः सह ॥
संजय उवाच