Go-apahāra (Cattle Theft), Go-dāna (Cow-Gift), and Suvarṇa-dakṣiṇā (Gold Fee): Karmic Consequence and Purificatory Merit
अपश्यत् परिमार्गश्ष तां गां परगृहे द्विज: । ममेयमिति चोवाच ब्राह्णो यस्य साभवत्,“कुछ दिनों बाद जब वह ब्राह्मण परदेशसे लौटा, तब अपनी गाय हढूँढ़ने लगा। ढूँढ़ते- ढूँढ़ते जब वह गाय उसे दूसरेके घर मिली, तब उस ब्राह्मणने, जिसकी वह गौ पहले थी, उस दूसरे ब्राह्मणसे कहा--'यह गाय तो मेरी है”
apaśyat parimārgamāṇaḥ tāṃ gāṃ paragṛhe dvijaḥ | mamaiyam iti covāca brāhmaṇo yasya sābhavat ||
अपश्यत् परिमार्गंश्च तां गां परगृहे द्विजः। ममेयमिति चोवाच ब्राह्मणो यस्य साभवत्॥
भीष्म उवाच