गन्धमादन-हिमवत्प्रयाणे युधिष्ठिर-भीमसंवादः
Yudhiṣṭhira–Bhīma Dialogue on the Gandhamādana–Himavat Ascent
इति श्रीमहा भारते वनपर्वणि तीर्थयात्रापर्वणि लोमशतीर्थयात्रायां गन्धमादनप्रवेशे चत्वारिंशदाधिकशततमो< ध्याय:,इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत तीर्थयात्रापर्वमें लोमशती र्थयात्राके प्रसंगमें गन्धमादनप्रवेशविषयक एक सौ चालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ
Так, в «Шри Махабхарате», в Вана-парве—внутри Тиртхаятра-парвы—в эпизоде паломничества Ломаши завершается сто сороковая глава, повествующая о вступлении в Гандхамадану.
वैशम्पायन उवाच