पापात्म-धर्मात्म-लक्षणम् तथा निर्वेदेन मोक्षमार्गः | Marks of the Sinful and the Righteous; Dispassion (Nirveda) as a Path to Liberation
एवं विमृशतस्तस्य चिरकारितया बहु । दीर्घ:कालो व्यतिक्रान्तस्ततो<5स्याभ्यागमत् पिता,विलम्ब करनेका स्वभाव होनेके कारण चिरकारी इस प्रकार सोचता-विचारता रहा। इसी सोच-विचारमें बहुत अधिक समय व्यतीत हो गया। इतनेमें ही उसके पिता वनसे लौट आये
evaṁ vimṛśatas tasya cirakāritayā bahu | dīrghaḥ kālo vyatikrāntas tato 'syābhyāgamat pitā ||
Бхишма сказал: «Пока он так размышлял, по своей привычке медлить с решением, прошло много времени. Тем временем его отец вернулся из леса.»
भीष्म उवाच