Adhyāya 118: Saciva-parīkṣā
Testing and Appointment of Ministers/Servants
दृष्टवा बलिनमत्युग्रं द्रुतं सम्प्राद्रवद् वनात् । शत्रुदमन युधिष्ठिर! तब मुनिने उसे बलोन्मत्त शरभ बना दिया। जंगली शरभ उस मुनिनिर्मित अत्यन्त भयंकर एवं बलवान् शरभको सामने देखकर भयभीत हो तुरंत ही उस वनसे भाग गया ।।
О Юдхиштхира, укротитель врагов! Увидев созданного мудрецом Шарабху — неистово грозного и могучего, — дикий Шарабха в страхе тотчас бежал из того леса.
भीष्म उवाच