मृदु-तीक्ष्ण-नीति तथा दुष्टलक्षण-विज्ञानम्
Measured Policy and the Recognition of Malicious Disposition
तथा विविधवृत्तानामपि सम्भव उच्यते । यतते योगमास्थाय मित्रामित्रं विचारयेत्,वैसे भिन्न-भिन्न व्यवहारचतुर लोगोंके ऐश्वर्यपर भी शासन करना तभी सम्भव बताया गया है, जब कि राजा मनोयोगका आश्रय ले सदा इसके लिये प्रयत्नशील रहे और कौन मित्र है तथा कौन शत्रु; इसका विचार करता रहे
Так говорится, что и над людьми с самыми различными нравами и обычаями возможно владычество. Царь, опираясь на йогу, должен непрестанно и сосредоточенно трудиться и всегда различать: кто друг, а кто враг.
भीष्म उवाच