आदिकल्पे पुरा विप्रास् त्व् अहम् अव्यक्तजन्मवान् विश्वकर्माणम् आहूय वचनं प्रोक्तवान् इदम् //
Этот стих: «4» — знак для составления и толкования согласно древней традиции.