Pradyumna–Śālva Missile-Exchange at Saubha (Āraṇyaka Parva, Adhyāya 18)
एवं ब्रुवति सूते तु तदा मकरकेतुमान् । उवाच सूतं कौरव्य निवर्तय रथं पुन:,कुरुनन्दन! सूतके ऐसा कहनेपर मकरथ्वज प्रद्युम्नने उससे कहा--“दारुककुमार! तू रथको पुनः युद्धभूमिकी ओर लौटा ले चल। सूतपुत्र! आजसे फिर कभी किसी प्रकार भी मेरे जीते-जी रथको रणभूमिसे न लौटाना
Quando o cocheiro falou assim, então Pradyumna, o que trazia o estandarte do makara, disse ao cocheiro: “Ó filho de Dāruka, faz o carro voltar novamente para o campo de batalha!”
वायुदेव उवाच