सेनासमागमः — The Convergence of Armies
अक्षौहिणी तु सा सेना तदा यौधिष्ठिरं बलम् । प्रविश्यान्तर्दधे राजन् सागरं कुनदी यथा,राजन्! वह एक अक्षौहिणी सेना युधिष्ठिरकी विशाल वाहिनीमें समाकर उसी प्रकार विलीन हो गयी, जैसे कोई छोटी नदी समुद्रमें मिल गयी हो
akṣauhiṇī tu sā senā tadā yauḍhiṣṭhiraṃ balam | praviśyāntardadhe rājan sāgaraṃ kunadī yathā ||
ହେ ରାଜନ୍! ସେ ଏକ ଅକ୍ଷୌହିଣୀ ସେନା ଯୁଧିଷ୍ଠିରଙ୍କ ବିଶାଳ ବଳରେ ପ୍ରବେଶ କରି ସେଥିରେ ଏମିତି ଲୟ ହୋଇଗଲା, ଯେପରି ଛୋଟ ନଦୀ ସାଗରରେ ମିଶି ହରାଇଯାଏ।
वैशमग्पायन उवाच