Pāṇḍava-senā-niryāṇa and Vyūha-vibhāga (पाण्डवसेनानिर्याण तथा व्यूहविभाग)
त्वं तु लोकविनाशाय धृतराष्ट्रकुलस्यथ च । उत्पन्नो वैरपुरुष: स्वकुलघ्नश्व पापकृत्,'तू सम्पूर्ण जगत् तथा धृतराष्ट्रकुलके विनाशके लिये पापाचारी मूर्तिमान् वैरपुरुष होकर उत्पन्न हुआ है। तू अपने कुलका भी नाश करनेवाला है
tvaṁ tu lokavināśāya dhṛtarāṣṭrakulasya ca | utpanno vairapuruṣaḥ svakulaghnaś ca pāpakṛt ||
ସଞ୍ଜୟ କହିଲେ—“କିନ୍ତୁ ତୁ ତ ଲୋକବିନାଶ ଓ ଧୃତରାଷ୍ଟ୍ରକୁଳବିନାଶ ପାଇଁ ପାପାଚାରୀ, ମୂର୍ତ୍ତିମାନ ବୈରପୁରୁଷ ହୋଇ ଜନ୍ମିଛୁ। ତୁ ନିଜ କୁଳକୁ ମଧ୍ୟ ନାଶ କରିବୁ।”
संजय उवाच