ध्रुवो जय: पाण्डवानामितीदं न संशय: कश्नन विद्यतेडत्र । जयध्वजो दृश्यते पाण्डवस्य समुच्छितो वानरराज उग्र:,पाण्डवोंकी विजय अवश्यम्भावी है। इस विषयमें कोई भी संशय नहीं है। पाण्डुनन्दन अर्जुनका वानरराज हनुमानसे उपलक्षित वह भयंकर विजयध्वज बहुत ऊँचा दिखायी देता है
ପାଣ୍ଡବମାନଙ୍କର ଜୟ ଧ୍ରୁବ—ଏଥିରେ କୌଣସି ସନ୍ଦେହ ନାହିଁ। ପାଣ୍ଡୁନନ୍ଦନ ଅର୍ଜୁନଙ୍କର ସେଇ ଉଗ୍ର ଜୟଧ୍ୱଜ, ଯାହାର ଶିରୋପରି ବାନରରାଜ ହନୁମାନ ବିରାଜିତ, ଅତ୍ୟନ୍ତ ଉଚ୍ଚ ଦିଶେ।
संजय उवाच