Daṇḍanīti and the King as the Cause of Yuga-Order (दण्डनीतिः राजधर्मश्च युगकारणत्वम्)
कथं चारं प्रयुड्जीत वर्णान् विश्वासयेत् कथम् | कथें भृत्यान् कथं दारान् कथे पुत्रांक्ष भारत,राजा गुप्तचरकी नियुक्ति कैसे करे? सब वर्णोके मनमें किस प्रकार विश्वास उत्पन्न करे? भारत! वह भृत्यों, स्त्रियों और पुत्रोंको भी कैसे कार्यमें लगावे? तथा उनके मनमें भी किस तरह विश्वास पैदा करे?
kathaṃ cāraṃ prayuñjīta varṇān viśvāsayet katham | kathaṃ bhṛtyān kathaṃ dārān kathe putrān kṣa bhārata ||
ଯୁଧିଷ୍ଠିର କହିଲେ—ରାଜା ଗୁପ୍ତଚରମାନଙ୍କୁ କିପରି ନିଯୁକ୍ତ କରିବେ? ସମସ୍ତ ବର୍ଣ୍ଣର ମନରେ କିପରି ବିଶ୍ୱାସ ଜନ୍ମାଇବେ? ହେ ଭାରତ! ଭୃତ୍ୟ, ସ୍ତ୍ରୀ ଓ ପୁତ୍ରମାନଙ୍କୁ କର୍ତ୍ତବ୍ୟରେ କିପରି ଲଗାଇବେ—ଏବଂ ସେମାନଙ୍କ ମନରେ ମଧ୍ୟ କିପରି ବିଶ୍ୱାସ ସ୍ଥାପନ କରିବେ?
युधिछिर उवाच