गदायुद्धप्रतिज्ञा — The Vow and Terms of the Mace Duel
क्व ते कृतास्त्रता याता किज्च शेषे जलाशये । स त्वमुत्तिष्ठ युध्यस्व क्षत्रधर्मेण भारत,'सुयोधन! तुम्हारा वह पौरुष कहाँ चला गया? कहाँ है वह तुम्हारा अभिमान? कहाँ गया पराक्रम? कहाँ है वह महान् गर्जन-तर्जन? और कहाँ गया वह अस्त्रविद्याका ज्ञान? इस समय इस तालाबमें तुम्हें कैसे नींद आ रही है? भारत! उठो और क्षत्रियधर्मके अनुसार युद्ध करो
kva te kṛtāstratā yātā kiñ ca śeṣe jalāśaye | sa tvam uttiṣṭha yudhyasva kṣatradharmeṇa bhārata ||
ସଞ୍ଜୟ କହିଲେ— ତୁମର ଅସ୍ତ୍ରନିପୁଣତା କେଉଁଠି ଗଲା, ଏବଂ ତୁମେ କାହିଁକି ଏହି ଜଳାଶୟରେ ପଡ଼ି ରହିଛ? ହେ ଭାରତବଂଶୀ, ଉଠ ଏବଂ କ୍ଷତ୍ରିୟଧର୍ମ ଅନୁସାରେ ଯୁଦ୍ଧ କର।
संजय उवाच