वारुणी सभा — Varuṇa’s Divine Assembly
Nārada’s Description
यस्यामास्ते स वरुणो वारुण्या च समन्वित: । दिव्यरत्नाम्बरधरो दिव्याभरणभूषित:,उसमें दिव्य रत्नों और वस्त्रोंकी धारण करनेवाले तथा दिव्य अलंकारोंसे अलंकृत वरुणदेव वारुणी देवीके साथ विराजमान होते हैं
yasyām āste sa varuṇo vāruṇyā ca samanvitaḥ | divya-ratnāmbara-dharo divyābharaṇa-bhūṣitaḥ ||
ସେହି ସଭାରେ ବରୁଣଦେବ ବାରୁଣୀ ଦେବୀଙ୍କ ସହିତ ଆସୀନ ଅଛନ୍ତି। ସେ ଦିବ୍ୟ ରତ୍ନଖଚିତ ବସ୍ତ୍ର ପରିଧାନ କରି, ଦିବ୍ୟ ଆଭୂଷଣରେ ଭୂଷିତ ହୋଇ, ରାଜସ ତେଜ ଓ ନିୟମିତ ମହିମାରେ ଦୀପ୍ତିମାନ।
नारद उवाच