Adhyāya 52 (Sabhā-parva): Vidura Invites Yudhiṣṭhira to Hastināpura for the Dice Match
पांशुराष्ट्राद वसुदानो राजा षड्विंशतिं गजान् | अश्वानां च सहस्रे द्वेी राजन् काड्चनमालिनाम्,राजन! राजा वसुदानने पांशुदेशसे छब्बीस हाथी, वेग और शक्तिसे सम्पन्न दो हजार सुवर्णमालाभूषित जवान घोड़े और सब प्रकारकी दूसरी भेंट-सामग्री भी पाण्डवोंको समर्पित की
ରାଜନ! ପାଂଶୁରାଷ୍ଟ୍ରରୁ ରାଜା ବସୁଦାନ ଛବିଶ ହାତୀ ଏବଂ ସୁବର୍ଣ୍ଣମାଳାରେ ଭୂଷିତ ଦୁଇ ହଜାର ଘୋଡ଼ା ନିବେଦନ କଲେ।
दुर्योधन उवाच