Bhīṣma–Śiśupāla-saṃvādaḥ
Bhishma and Shishupala’s exchange in the assembly
एवं हि कथयन्त्यन्ये नरा ज्ञानविद: पुरा । भीष्म यत् तदहं सम्यग् वक्ष्यामि तव शृण्वतः,भीष्म! पहलेके विवेकी मनुष्य एक प्राचीन वृत्तान्त सुनाया करते हैं, वही मैं ज्यों-का- त्यों तुम्हारे सामने उपस्थित करता हूँ, सुनो
ଭୀଷ୍ମ! ପୁରାତନ କାଳରେ ଜ୍ଞାନୀ ଲୋକେ ଏଭଳି ଗୋଟିଏ ପ୍ରାଚୀନ ବୃତ୍ତାନ୍ତ କହୁଥିଲେ; ତୁମେ ଶୁଣୁଥିବାବେଳେ ସେହିଟିକୁ ମୁଁ ଯଥାର୍ଥ ଭାବେ କହିବି—ଶୁଣ।
शिशुपाल उवाच