धृष्टद्युम्नस्य द्रोणरथारोহণं सात्यकेः प्रतिरक्षणं च | Dhrishtadyumna Boards Droṇa’s Chariot; Sātyaki’s Counter-Protection
वायुदेव उवाच व्यक्त शिवं तव भ्रातु: सामात्यस्य भविष्यति । मा शुच: किज्चिदेवान्यत् तत्रानिष्टं भविष्यति,भगवान् श्रीकृष्ण बोले--अर्जुन] शोक न करो। मुझे स्पष्ट जान पड़ता है कि मन्त्रियोंसहित तुम्हारे भाईका कल्याण ही होगा। इस अपशकुनके अनुसार कोई दूसरा ही अनिष्ट हुआ होगा
ବାୟୁଦେବ କହିଲେ—ମୋତେ ସ୍ପଷ୍ଟ ଜଣାପଡ଼ୁଛି ଯେ ମନ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କ ସହିତ ତୁମ ଭାଇଙ୍କର ମଙ୍ଗଳ ହେବ। ଶୋକ କରନି; ଏହି ଅପଶକୁନ ଅନୁସାରେ ସେଠାରେ ଅନ୍ୟ କୌଣସି ଅନିଷ୍ଟ ହେବ ନାହିଁ।
वायुदेव उवाच