Dhṛtarāṣṭra’s Inquiry and Sañjaya’s Etymologies of Kṛṣṇa’s Names
Puruṣottama-nāma-nirvacana
जानात्येष हृषीकेशं पुराणं यच्च वै परम् । शुश्रूषमाणमेकाग्रं मोक्ष्यते महतो भयात्,यह संजय पुराणपुरुष भगवान् श्रीकृष्णको जानता है और उनका जो परमतत्त्व है, वह भी इसे ज्ञात है। यदि तुम एकाग्रचित्त होकर इसकी बातें सुनोगे तो यह तुम्हें महान् भयसे मुक्त कर देगा
हा संजय पुराणपुरुष भगवान् हृषीकेश श्रीकृष्णांना ओळखतो आणि त्यांचे परम तत्त्वही जाणतो. तू एकाग्रचित्ताने त्याचे बोल ऐकशील, तर तो तुला महान भयापासून मुक्त करील.
व्यास उवाच