Gārhasthya-Śreṣṭhatā and Kṣatriya-Daṇḍadhāraṇa
Householder Primacy and the Royal Duty of Punishment
एवमुक्त: स विदप्रर्षि: सुद्युम्नमिदमब्रवीत् । प्रतिश्रुत्य करिष्येति श्रुत्वा तत् कर्तुमहसि,उनके इस तरह कहनेपर विप्रर्षि लिखितने सुद्युम्नसे यों कहा--'राजन्! पहले यह प्रतिज्ञा कर लो कि “हम करेंगे” उसके बाद मेरा उद्देश्य सुनो और सुनकर उसे तत्काल पूरा करो
असे ऐकून विप्रर्षि लिखित सुद्युम्नाला म्हणाले— “राजन्! प्रथम ‘करू’ अशी प्रतिज्ञा करा; मग माझा हेतू ऐकून तो तत्क्षणी पूर्ण करा.”
व्यास उवाच