ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति
Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences
कलामुहूर्तकाष्ठाहर् मासर्तुशरदात्मने / नमः सहस्रशीर्षायै सहस्रमुखलोचने
kalāmuhūrtakāṣṭhāhar māsartuśaradātmane / namaḥ sahasraśīrṣāyai sahasramukhalocane
कला, मुहूर्त, काष्ठा, अहोरात्र, मास, ऋतु व शरद्—ज्यांचे स्वरूप तूच; सहस्रशीर्षा, सहस्रमुख‑सहस्रलोचना देवीला नमः।