ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति
Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences
प्रसीद विश्वेश्वरि विश्ववन्दिते प्रसीद विद्येश्वरि वेदरूपिणि / प्रसीद मायामयि मन्त्राविग्रहे प्रसीद सर्वेश्वरि सर्वरूपिणि
prasīda viśveśvari viśvavandite prasīda vidyeśvari vedarūpiṇi / prasīda māyāmayi mantrāvigrahe prasīda sarveśvari sarvarūpiṇi
हे विश्वेश्वरी, विश्ववंदिते, प्रसन्न हो; हे विद्येश्वरी, वेदरूपिणी, प्रसन्न हो. हे मायामयी, मंत्र-विग्रहस्वरूपे, प्रसन्न हो; हे सर्वेश्वरी, सर्वरूपिणी, प्रसन्न हो.