उत्तरो बृहन्नडां सारथ्याय नियुङ्क्ते — Uttara Appoints Bṛhannadā as Charioteer
एवमेव गतिनूनं भवान् विषयवासिनाम् | गतिमन्तो वयं त्वद्य सर्वे विषयवासिन:,“मत्स्यराजके सुयोग्य पुत्र होनेके कारण आप ही इस राष्ट्रके महान् आश्रय हैं। जैसे विजयी वीरोंमें श्रेष्ठ अर्जुन पाण्डवोंके उत्तम आश्रय हैं, उसी प्रकार आप भी निश्चय ही इस राज्यके निवासियोंकी परम गति हैं। हम सभी मत्स्यदेशवासी आज आपको पाकर ही गतिमान् (सनाथ) हैं!
evam eva gatinūnaṁ bhavān viṣayavāsinām | gatimanto vayaṁ tv adya sarve viṣayavāsinaḥ ||
നിശ്ചയമായും നീയാകുന്നു ഈ ദേശവാസികളുടെ പരമഗതി. ഇന്ന് നിന്നെ ലഭിച്ചതിനാൽ ഞങ്ങൾ എല്ലാവരും—ഈ രാജ്യത്തിലെ സമസ്ത നിവാസികൾ—സനാഥരായി മാറിയിരിക്കുന്നു.
वैशमग्पायन उवाच