Chapter 26: Śoka-pratiṣedha, Hata-saṅkhyā, Gati-vibhāga, Pretakārya-ājñā
Restraint of Grief, Count of the Slain, Destinies, and Funerary Directives
धर्मराजके आदेशसे विदुरजी, सारथि संजय, सुधर्मा, धौम्य तथा इन्द्रसेन आदिने चन्दन और अगुरुकी लकड़ी कालीयक, घी, तेल, सुगन्धित पदार्थ और बहुमूल्य रेशमी वस्त्र आदि वस्तुएँ एकत्र कीं, लकड़ियोंका संग्रह किया, टूटे हुए रथों तथा नाना प्रकारके अस्त्र- शस्त्रोंको भी एकत्र कर लिया। फिर उन सबके द्वारा प्रयत्नपूर्वक कई चिताएँ बनाकर जेठे- छोटेके क्रमसे सभी राजाओंका शास्त्रीय विधिके अनुसार उन्होंने शान्तभावसे दाह-संस्कार सम्पन्न कराया ।। दुर्योधनं च राजानं भ्रातृश्वास्य महारथान् | शल्यं शलं च राजानं भूरिश्रवसमेव च,राजा दुर्योधन, उनके निन्यानबे महारथी भाई, राजा शल्य, शल, भूरिश्रवा, राजा जयद्रथ, अभिमन्यु, दुःशासन-पुत्र लक्ष्मण, राजा धृष्टकेतु, बृहन्त, सोमदत्त, सौसे भी अधिक सूंजयवीर, राजा क्षेमधन्वा, विराट द्रपद, शिखण्डी, पांचालदेशीय द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न, युधामन्यु, पराक्रमी उत्तमौजा, कोसलराज बृहद्वल, द्रौपदीके पाँचों पुत्र, सुबलपुत्र शकुनि, अचल, वृषक, राजा भगदत्त, पुत्रोंसहित अमर्षशील वैकर्तन कर्ण, महाधनुर्धर पाँचों केकयराजकुमार, महारथी त्रिगर्त, राक्षसराज घटोत्कच, बकके भाई राक्षसप्रवर अलम्बुष और राजा जलसंध--इनका तथा अन्य बहुतेरे सहस्रों भूपालोंका घीकी धारासे प्रज्वलित हुई अग्नियोंद्वारा उन लोगोंने दाह-कर्म कराया
duryodhanaṃ ca rājānaṃ bhrātṝṃś cāsya mahārathān | śalyaṃ śalaṃ ca rājānaṃ bhūriśravasam eva ca ||
വൈശമ്പായനൻ പറഞ്ഞു—അതിനുശേഷം അവർ ശാസ്ത്രവിധിപ്രകാരം, ശാന്തഭാവത്തോടെ യഥാക്രമം ദഹനകർമ്മങ്ങൾ നിർവഹിച്ചു. രാജാ ദുര്യോധനൻ, അവന്റെ മഹാരഥിയായ സഹോദരന്മാർ, രാജാ ശല്യൻ, രാജാ ശലൻ, ഭൂരിശ്രവസ്—ഇവരെല്ലാം ഘൃതധാരകളാൽ ജ്വലിപ്പിച്ച അഗ്നിയിൽ അർപ്പിച്ചു.
वैशम्पायन उवाच
Even after catastrophic conflict, dharma requires that the dead—friend and foe alike—receive proper last rites. The passage emphasizes restraint, order, and ritual propriety as a moral response to the devastation of war.
In the aftermath of the Kurukṣetra war, the survivors arrange and perform cremations for major fallen leaders, explicitly naming Duryodhana, his brothers, Śalya, Śala, and Bhūriśravas among those consigned to the funeral fire.