अध्याय ५०: उत्तरेण सह अर्जुनस्य रथप्रयाणे ध्वजचिह्नैः कौरवसेनानिर्देशः
Arjuna directs Uttara by identifying Kaurava commanders through banners
यथा सभायां दूत॑ त्वं मातुलेन सहाकरो: । तथा युध्यस्व संग्रामे सौबलेन सुरक्षित:,राजन! जैसे राजसभामें तुमने मामाके साथ जूएका खेल किया है, उसी प्रकार इस संग्रामभूमिमें भी तुम उन्हीं मामा शकुनिसे सुरक्षित होकर युद्ध करो। (किसी दूसरेसे सहयोगकी आशा न रखो)
yathā sabhāyāṃ dūta tvaṃ mātulena sahākaroḥ | tathā yudhyasva saṃgrāme saubalena surakṣitaḥ ||
ກຣິປະ ກ່າວວ່າ: «ເຊັ່ນດຽວກັນກັບໃນສະພາຫຼວງ ເຈົ້າເຄີຍຫຼິ້ນລູກເຕົ໋າກັບລຸງຝ່າຍແມ່, ບັດນີ້ໃນສະໜາມຮົບກໍຈົ່ງຮົບເຊັ່ນນັ້ນ—ໂດຍມີ ສໍບະລະ (ຊະກຸນິ) ຄຸ້ມຄອງ. ຢ່າໄດ້ຫວັງພຶ່ງຜູ້ອື່ນ»។
कृप उवाच