अग्राह्य-ज्ञातिसंबन्धमण्डल-विवेचनम् / Managing Unreadable Kinship Networks: Vāsudeva–Nārada on Cohesion
भेदाद् विनाश: संघानां संघमुख्योडसि केशव । यथा त्वां प्राप्य नोत्सीदेदयं संघस्तथा कुरु,केशव! आप इस यादवसंघके मुखिया हैं। यदि इसमें फूट हो गयी तो इस समूचे संघका विनाश हो जायगा; अतः आप ऐसा करें जिससे आपको पाकर इस संघका--इस यादवगणततन्त्र राज्यका मूलोच्छेद न हो जाय
ໂອ ເກສະວະ! ເຈົ້າແມ່ນຫົວໜ້າແຫ່ງສະຫະພັນຍາດະວະ. ຖ້າເກີດຄວາມແຕກແຍກ ການພິນາດຂອງສະຫະພັນທັງໝົດຈະຕາມມາ. ດັ່ງນັ້ນ ຈົ່ງກະທຳໃຫ້ເປັນໄປໃນທາງທີ່ເມື່ອໄດ້ພົບເຈົ້າແລ້ວ ສະຫະພັນນີ້—ລັດຖະບານແບບຄະນະຂອງຍາດະວະ—ຈະບໍ່ຖືກຖອນຮາກຖອນໂຄນ.
नारद उवाच