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Shloka 8

मृत्यु-काल-प्रबोधनम् (Instruction on Mortality, Time, and Truth) — Mahābhārata, Śānti-parva 169

सर्वतः पापदर्शी च नास्तिको वेदनिन्दक: । सम्प्रकीर्णेन्द्रियो लोके यः काम॑ निरतश्चरेत्‌,जो लोभी, क्रूर, धर्मत्यागी, कपटी, शठ, क्षुद्र, पापाचारी, सबपर संदेह करनेवाला, आलसी, दीर्घसूत्री, कुटिल, निन्दित, गुरुपत्नीगामी, संकटके समय साथ छोड़कर चल देनेवाला, दुरात्मा, निर्लज्ज, सब ओर पापपूर्ण दृष्टि डालनेवाला, नास्तिक, वेदोंकी निनन्‍्दा करनेवाला, इन्द्रियोंको खुला छोड़कर जगत्‌में इच्छानुसार विचरनेवाला, झूठा, सबके द्वेषका पात्र, अपनी प्रतिज्ञापर स्थिर न रहनेवाला, चुगलखोर, अपवित्र बुद्धिवाला, ईर्ष्यालु, पापपूर्ण विचार रखनेवाला, दुष्ट स्वभाववाला, मनको वशमें न रखनेवाला, नृशंस, धूर्त, मित्रोंकी बुराई करनेवाला, सदा दूसरोंका धन लेनेकी इच्छा रखनेवाला, यथाशक्ति देनेवालेपर भी संतुष्ट न रहनेवाला, मन्दबुद्धि, मित्रको भी सदा धैर्यसे विचलित करनेवाला, असावधान, बेमौके क्रोध करनेवाला, अकस्मात्‌ विरोधी होकर कल्याणकारी सुहृदोंको भी शीघ्र ही त्याग देनेवाला, अनजानमें थोड़ा-सा भी अपराध बन जानेपर मित्रका अनिष्ट करनेवाला, पापी, अपना काम बनानेके लिये ही मित्रोंस मेल रखनेवाला, वास्तवमें मित्रद्वेषी, मुखसे मित्रताकी बातें करके भीतरसे शत्रुभाव रखनेवाला, कुटिल दृष्टिसे देखनेवाला, विपरीतदर्शी, भलाईसे कभी पीछे न हटनेवाले मित्रको भी त्याग देनेवाला, शराबी, द्वेषी, क्रोधी, निर्दयी, क्रूर, दूसरोंको सतानेवाला, मित्रद्रोही, प्राणियोंकी हिंसामें तत्पर रहनेवाला, कृतघ्न तथा नीच हो, संसारमें ऐसे मनुष्यके साथ कभी संधि नहीं करनी चाहिये। जो दूसरोंका छिद्र खोजता हो, वह भी संधि करनेके योग्य नहीं है। अब संधि करनेके योग्य पुरुषोंको बता रहा हूँ, सुनो

sarvataḥ pāpadarśī ca nāstiko vedanindakaḥ | samprakīrṇendriyo loke yaḥ kāmaṃ nirataś caret ||

ພີສະມະກ່າວວ່າ: «ຜູ້ທີ່ເບິ່ງເຫັນແຕ່ບາບຢູ່ທຸກທິດ, ເປັນຄົນບໍ່ເຊື່ອ ແລະດ່າທໍາລາຍພຣະເວດ; ຜູ້ປ່ອຍໃຫ້ອິນຊີທັງຫຼາຍກະຈາຍຫລຸດຫລອຍ ແລະທ່ອງໄປໃນໂລກຕາມຕັນຫາ—ຄົນແບບນີ້ບໍ່ຄວນເຮັດສັນຍາ. ຜູ້ທີ່ມັກຄົ້ນຫາຂໍ້ຜິດຄົນອື່ນຢູ່ເລື້ອຍ ກໍບໍ່ຄວນ. ບັດນີ້ ຂ້າຈະກ່າວເຖິງຜູ້ທີ່ຄວນຮ່ວມພັນທະມິດ—ຈົ່ງຟັງ».

सर्वतःfrom all sides/always
सर्वतः:
Adhikarana
TypeIndeclinable
Rootसर्वतः
पापदर्शीone who looks for/at sin; sin-seeing
पापदर्शी:
Karta
TypeAdjective
Rootपापदर्शिन्
FormMasculine, Nominative, Singular
and
:
TypeIndeclinable
Root
नास्तिकःatheist/denier
नास्तिकः:
Karta
TypeNoun
Rootनास्तिक
FormMasculine, Nominative, Singular
वेदनिन्दकःreviler of the Veda
वेदनिन्दकः:
Karta
TypeNoun
Rootवेदनिन्दक
FormMasculine, Nominative, Singular
सम्प्रकीर्णेन्द्रियःone whose senses are scattered/unrestrained
सम्प्रकीर्णेन्द्रियः:
Karta
TypeAdjective
Rootसम्प्रकीर्णेन्द्रिय
FormMasculine, Nominative, Singular
लोकेin the world
लोके:
Adhikarana
TypeNoun
Rootलोक
FormMasculine, Locative, Singular
यःwho
यः:
Karta
TypePronoun
Rootयद्
FormMasculine, Nominative, Singular
कामम्desire/at will (as an adverbial accusative)
कामम्:
Karma
TypeNoun
Rootकाम
FormMasculine, Accusative, Singular
निरतःengaged/attached
निरतः:
Karta
TypeAdjective
Rootनिरत
FormMasculine, Nominative, Singular
चरेत्should roam/wander
चरेत्:
TypeVerb
Rootचर्
FormOptative (Vidhi-lin), 3rd, Singular, Parasmaipada

भीष्म उवाच

B
Bhīṣma
V
Veda