Karma-Saṃnyāsa–Karma-Yoga Saṃvāda
Renunciation and the Discipline of Action
सम्बन्ध-- यहाँ अर्जुनिके मनमें यह बात आ सकती है कि मैं यह युद्धरूप घोर कर्म न करके यदि भिक्षावृत्तिसे अपना निर्वाह करता हुआ शान्तिमय क्मोें लगा रहूँ तो सहज ही राग-द्वेषसे छूट सकता हूँ: फिर आप मुझे युद्ध करनेके लिये आज्ञा क्यों दे रहे हैं; इसपर भगवान् कहते हैं-- श्रेयान् स्वधर्मो विगुण: परधर्मात् स्वनुछितात् । स्वधर्मे निधनं श्रेय: परधर्मो भयावह:,अच्छी प्रकार आचरणमें लाये हुए दूसरेके धर्मसे गुणरहित भी अपना धर्म अति उत्तम है।* अपने धर्ममें तो मरना भी कल्याणकारक हैः और दूसरेका धर्म भयको देनेवाला है
śreyān svadharmo viguṇaḥ paradharmāt sv-anuṣṭhitāt | svadharme nidhanaṃ śreyaḥ paradharmo bhayāvahaḥ ||
ພຣະຜູ້ເປັນເຈົ້າຕັດສອນວ່າ: ໜ້າທີ່ຂອງຕົນເອງ ແມ່ນແຕ່ປະຕິບັດບໍ່ສົມບູນ ກໍຍັງດີກວ່າໜ້າທີ່ຂອງຄົນອື່ນ ແມ່ນແຕ່ປະຕິບັດໄດ້ດີເລີດ. ການຕາຍໃນສະວະທັມຂອງຕົນກໍຍັງເປັນມົນຄຸນ; ແຕ່ທັມຂອງຄົນອື່ນນັ້ນນ່າຢ້ານກົວ.
अजुन उवाच