एवमुक्तस्तु कर्णेन पुत्रो दुर्योधनस्तव । अब्रवीद् भ्रातरं तत्र दुःशासनमिदं वच:,कर्णके ऐसा कहनेपर आपके पुत्र दुर्योधनने वहीं अपने भाई दुःशासनसे इस प्रकार कहा--*दुःशासन! तुम शीघ्र सब प्रकारसे ऐसी व्यवस्था करो, जिससे यात्रासम्बन्धी सब आवश्यक तैयारी सम्पन्न हो जाय”
ເມື່ອໄດ້ຍິນຄໍາຂອງກັນນະ ລູກຊາຍຂອງພະອົງ ຄື ທຸຣະໂຢທະນະ ກໍໄດ້ກ່າວຕໍ່ນ້ອງຊາຍຢູ່ທີ່ນັ້ນ ຄື ທຸຫະສາສະນະ ດ້ວຍຖ້ອຍຄໍານີ້:
कर्ण उवाच