आत्तशस्त्रै रथोपेतैर्बहुभि: परिवारित: । कथमेकः पदातिः सन्नशस्त्रो योद्धुमुत्सहे,“तुम्हारी संख्या अधिक है। तुमने रथपर बैठकर नाना प्रकारके अस्त्र-शस्त्र लेकर मुझे घेर रखा है। फिर तुम्हारे साथ मैं अकेला पैदल और अस्त्र-शस्त्रोंसे रहित होकर कैसे युद्ध कर सकता हूँ?
«អ្នកមានចំនួនច្រើន ហើយមានមនុស្សជាច្រើនព័ទ្ធជុំវិញ ដោយកាន់អាវុធ និងជិះរទេះ។ ខ្ញុំតែម្នាក់ឯង ជាទាហានថ្មើរជើង គ្មានអាវុធ—តើខ្ញុំនឹងក្លាហានចូលប្រយុទ្ធបានដូចម្តេច?»
संजय उवाच