अध्याय ९ — दुर्योधनस्य अन्त्यावस्था, विलापः, तथा सौप्तिक-प्रतिवृत्तम्
Duryodhana’s Final Condition, Lamentation, and the Night’s Report
इत्येवं द्रोणपुत्रस्य निशम्य करुणां गिरम् । प्रत्यूषकाले शोकार्तत: प्राद्रवन्नगरं प्रति,इस प्रकार द्रोणपुत्रके मुखसे वह करुणाजनक समाचार सुनकर मैं शोकसे व्याकुल हो उठा और प्रातःकाल नगरकी ओर दौड़ा चला आया
ity evaṁ droṇaputrasya niśamya karuṇāṁ giram | pratyūṣakāle śokārtataḥ prādravan nagaraṁ prati ||
សញ្ជ័យបាននិយាយថា៖ «ដូច្នេះ ខ្ញុំបានស្តាប់ពាក្យសោកសៅដ៏អាណិតអាសូរដែលចេញពីមាត់កូនប្រុសទ្រូណា ហើយខ្ញុំត្រូវទុក្ខសោកគ្របដណ្តប់។ នៅពេលព្រឹកព្រលឹម ខ្ញុំបានរត់ទៅកាន់ទីក្រុង ដោយចិត្តរងទុក្ខយ៉ាងខ្លាំង»។
संजय उवाच